लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 10000 रुपये की रिश्वत लेते प्रभारी प्राचार्य मुकेश नामदेव रंगे हाथ गिरफ्तार
बेवफा चाय वाला दुकान पर हुआ ट्रैप

सिवनी
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के मामले को लोकायुक्त द्वारा लगातार उजागर किया जा रहा है सिवनी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सख्त कार्रवाई जारी है। पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने छपारा विकासखंड में बड़ी कार्रवाई की है जिसमे प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया ।
मामला का विवरण
जिले के छपारा विकासखण्ड के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला बीजा देवरी में पदस्थ प्रधान पाठक ढीलन सिंह बिसेन ने लोकायुक्त जबलपुर से शिकायत की थी कि प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव जन शिक्षा केंद्र बीजा देवरी के अंतर्गत आने वाले सभी 26 स्कूलों से अवैध वसूली कर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने करीबी के जरिए आरटीआई दाखिल करवाई और फिर स्कूल प्रभारियों से आरटीआई में कार्रवाई न करने के लिए और दोबारा आईटीआई न लगाने की बदले में रिश्वत लेने की मांग की है।
प्रधान पाठक ढीलन सिंह बिसेन के आरोप के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक स्कूल से 1000 रुपये और माध्यमिक स्कूल से 1500 रुपये की मांग की गई थी। आरोपी द्वारा कुल 30,000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी जिसमें से आज 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोच लिया।
बेवफा चाय वाला दुकान पर हुआ ट्रैप
लोकायुक्त टीम के द्वारा शिकायत का पहले सत्यापन किया गया उसके बाद 04 अप्रैल 2025 को ग्राम बखारी के बस स्टैंड की बेवफा चाई वाला नाश्ते की दुकान पर अपना जाल बेचकर मामले को अंजाम दिया जानकारी के अनुसार जैसे ही प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव ने आवेदक से रिश्वत की 10000 रुपये की रकम ली उसके तुरंत ही लोकायुक्त की टीम में प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया ।
मामला दर्ज
आरोपी प्राचार्य मुकेश कुमार नामदेव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 ( संशोधन 2018 ) की धारा 7, 13(1)B, 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त जबलपुर की की विशेष टीम के द्वारा छपरा विकासखंड के ग्राम बखारी में बड़ी कार्रवाई करने इंस्पेक्टर श्रीमती रेखा प्रजापति, इंस्पेक्टर नरेश बेहरा, इंस्पेक्टर कमल सिंह उइके और अन्य सहयोगी का विशेष योगदान रहा ।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई की आम जनता और शिक्षकों ने सराहना की है। अब देखना होगा कि इस छापामार कार्यवाही होने के बाद रिश्वत ले के कार्य करने वाले सरकार कर्मचारीयो पर से हराम की कमाई खाने का भूत उतरेगा या नहीं ।।