सम्पूर्ण भारत में यूपीएस के खिलाफ काला दिवस आज, शिक्षक-कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
सिवनी, 1 अप्रैल 2025 – नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय आह्वान पर आज सम्पूर्ण भारत में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) के खिलाफ काला दिवस मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी काली पट्टी बांधकर कार्य कर रहे हैं और शाम 4 बजे कलेक्टर कार्यालयों में ज्ञापन सौंपेंगे।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज
प्रदेश अध्यक्ष परमानंद डेहरिया के अनुसार, यह आंदोलन राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार “बंधु” के नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना कर ग्रेच्युटी प्रदान करें और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल करें।
कर्मचारियों का विरोध और आंदोलन की रूपरेखा
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 24 जनवरी 2025 को यूपीएस लागू करने का नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसे 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह योजना एनपीएस से भी अधिक खराब है और इसमें कई खामियां हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना कर्मचारियों की जमा राशि को असुरक्षित बनाती है और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद भी पेंशन की गारंटी नहीं देती। यह शेयर बाजार पर आधारित है, जिससे कोई निश्चित लाभ सुनिश्चित नहीं है। हाल के घटनाक्रमों में कर्मचारियों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
सिवनी में विशाल प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा जाएगा ज्ञापन
मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की 28 मार्च 2025 को हुई बैठक में सभी संगठनों ने इस आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई। आज शाम 4 बजे सिवनी के अंबेडकर चौक पर सभी शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी एकत्र होंगे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
मध्यप्रदेश कर्मचारी कांग्रेस, शिक्षक कांग्रेस, और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक कर्मचारियों से इस विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।
संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी
इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए आशीष त्रिपाठी (जिलाध्यक्ष, म.प्र. अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा), अरुण सैनी, सुभाष बघेल (म.प्र. कर्मचारी कांग्रेस), नरेंद्र मिश्रा (म.प्र. शिक्षक कांग्रेस), राजेंद्र बघेल, साजिद खान, चित्तोण सिंह कुशराम, महेंद्र कांटेवार, विपनेश जैन, कमलेश परिहार और संतोष सूर्यवंशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सहयोग का आह्वान किया है।।