किसान खून के आंसू बहाने को मजबूर

प्रशासन ने अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की

सिवनी ( केबलारी )

सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड की ग्राम चावरमार के किसान तुलसीराम ठाकुर की 8 एकड़ में लहलहाती गेहूं की फसल भीषण आगजनी की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस हादसे के बाद किसान खून के आंसू बहाने को मजबूर है।

प्रशासन की अनदेखी बनी तबाही का कारण
ग्रामीणों के अनुसार, बार-बार मांग के बावजूद भी प्रशासन ने अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था नहीं की, जिससे आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। किसानों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती, तो शायद नुकसान कम हो सकता था। लेकिन प्रशासन की लापरवाही ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।

किसान की सालभर की मेहनत हुई बर्बाद
तुलसीराम ठाकुर ने अपनी पूरी जमा पूंजी लगाकर इस फसल को उगाया था, लेकिन आग ने चंद मिनटों में उनकी मेहनत राख कर दी। अब उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने शासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है ताकि वे फिर से खेती कर सकें।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से राहत की मांग
गांव के अन्य किसानों और ग्रामीणों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन को गांवों में आग से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासन कब जागेगा?
यह पहली बार नहीं है जब किसानों की फसल आगजनी का शिकार हुई हो। हर साल ऐसी घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन केवल आश्वासन देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक किसान ऐसी त्रासदियों का शिकार होते रहेंगे? क्या प्रशासन अब भी नींद से जागेगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *