सिवनी

जिले में नगझर से खेरिटेक तक बनने वाली 109 करोड़ की सड़क परियोजना में रायसिंह एंड कंपनी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। ठेकेदार की मनमानी, राजनीतिक हस्तक्षेप और अधिकारियों के साथ साठगांठ ने परियोजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रायसिंह एन्ड कम्पनी  कलेक्टर के भी आदेशो को नही मानती है

ठेकेदार की मनमर्जी:

रायसिंह एंड कंपनी द्वारा निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। रोड में उचित रोलिंग और पिचिंग जैसे कार्यों में लापरवाही बरती जा रही है। कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के बजाय ठेकेदार अपनी शर्तों पर काम कर रहा है।

राजनीतिक हस्तक्षेप:

ठेकेदार के राजनीतिक प्रभाव के कारण शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। स्थानीय नेताओं से करीबी संबंध ठेकेदार को बचाने का माध्यम बन रहे हैं।

अधिकारियों से साठगांठ:

संबंधित अधिकारियों और रायसिंह एंड कंपनी के बीच गहरी साठगांठ प्रदर्शित हो रही है ।जिस कारण परियोजना की निगरानी और गुणवत्ता जांच के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।

गुणवत्ता में अनियमितताएं:

सूत्रों में अनुसार सड़क निर्माण में उपयोग हो रहे मटेरियल की गुणवत्ता घटिया बताई जा रही है। निर्माण में मानकों का पालन न होने से सड़क की टिकाऊपन पर सवाल उठ रहे हैं। ठेकेदार अपना फायदा देख कर कार्य कर रहा ।

जनता की नाराजगी:

क्षेत्रीय जनता इस सड़क परियोजना में हो रहे भ्रष्टाचार से आक्रोशित है। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, अधिकारी और राजनीतिक लोग मिलकर इस 109 करोड़ की सड़क परियोजना को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रहे हैं।

प्रशासन से मांग:

  1. जांच समिति का गठन:
    परियोजना में हो रही अनियमितताओं की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
  2. गुणवत्ता की जांच:
    सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए।
  3. ठेकेदार पर कार्रवाई:
    रायसिंह एंड कंपनी की अनुबंध शर्तों की समीक्षा कर लापरवाही पर जुर्माना लगाया जाए।

यह सड़क परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन अगर समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह सिर्फ भ्रष्टाचार का प्रतीक बनकर रह जाएगी।।

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