देश में 11 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे खाद्य तेलों के दाम बढ़ती महंगाई से जनता पर सरकार ने भी जताई चिंता..

देश में एक तरफ कोरोनावायरस और दूसरी तरफ बढ़ती हुई महंगाई से जनता की परेशानी बढ़ा रही वही देश के नागरिकों की महामारी में आर्थिक स्थिति खराब है तो खाद्य पदार्थों और खाद्य तेलों के बढ़ते हुए दामों ने रसोई का भी बजट बिगाड़ रखा है लगातार बढ़ती महंगाई से जनता बेहद परेशान है।।

देश में खाद्य तेलों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी देखने को मिल रही है सरकार भी बढ़ती हुई महंगाई से चिंता में आ गई है सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस महीने खाद्य तेलों के दाम में पिछले दशक के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। सोमवार को खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने आज तेलों की बढ़ती कीमत को लेकर सभी पक्षों से बैठक की बैठक में विभाग ने राज्य के साथ-साथ व्यापारियों से खाद्य तेलों के दामों में कमी लाने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है।।

जारी किए गए बयान के अनुसार पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की कीमतो के मुकाबले भारत में दामों में कहीं अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई इस पर केंद्र सरकार ने भी अपनी चिंता जाहिर की थी भारत में खाद्य तेल का 60% से अधिक का आयात विदेशों से होता है इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ उसको छोड़ कर दिखा जा रहा है।।

महामारी के इस दौर में महंगाई एक बार फिर सातवें आसमान पर है रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल खाद्य तेल के भाव तो आसमान छू रहे हैं ना केवल सरसों के तेल बल्कि सोयाबीन तेल, पाम ऑयल, राइस ऑयल, तिल का तेल , सनफ्लावर समेत सभी वेजिटेबल तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है ऐसे में सरसों के तेल भी पीछे नहीं है।।

पिछले वर्ष मई 2020 में सरसों का तेल 110 115 प्रति लीटर मिल रहा था आज वही सरसों का तेल 160 से 175 रुपए लीटर हो चुका है मूंगफली तेल पिछले वर्ष मई में 120 रुपए लीटर तक था जो बढ़कर आज 180 से 190 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है इसी तरह सोयाबीन तेल और सनफ्लावर तेल के दाम भी 1 साल में काफी तेजी से बढ़ कर रहे हैं सोयाबीन तेल पिछले वर्ष मई में 70 से 80 रुपए था जबकि 1 साल में यह बढ़कर 160 रुपए से लेकर 175 रुपए लीटर हो गया है वही सनफ्लावर तेल भी 12 महीने में 120 रुपए लीटर से बढ़कर 190 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है।।

जागरूक उपभोक्ता समिति के मुकेश अमोनिया ने बताया कि तेल के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं कितना पिछले काफी समय से नहीं हुआ था दाम धीरे-धीरे बढ़ते चले गए पिछले 10 – 12 साल में यह स्थिति कभी नहीं आई। पहली बार ऐसा हुआ कि बढ़ते दामों में कमी नहीं हुई है उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर समय रहते ध्यान देना चाहिए दाम नियंत्रण के बाहर हो गए हैं उन्होंने कहा कि खाद्य वस्तु अधिनियम के तहत खाद्य तेल के दाम नियंत्रण किए जाने चाहिए साथ ही इस पर टेक्स भी कम किया जाना चाहिए ।।

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